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Eclipse-Bound Hearts
Romance

Eclipse-Bound Hearts

by Amit Kumar · Published 2026-08-26

Created with Inkfluence AI

5 chapters 11,654 words ~47 min read Hindi

Enemies-to-lovers fantasy romance across light and darkness realms

Table of Contents

  1. 1. सीमा-मंदिर की रक्षा, अंधेरा पास
  2. 2. छाया-राजकुमार के साथ मजबूरी
  3. 3. ग्रहण-रेखाओं का सच
  4. 4. अवशेष-चोरी की आग
  5. 5. रोशनी-छाया का वादा

Preview: सीमा-मंदिर की रक्षा, अंधेरा पास

A short excerpt from “सीमा-मंदिर की रक्षा, अंधेरा पास”. The full book contains 5 chapters and 11,654 words.

ऑरेलिया ने वेदी पर हथेली रखी और प्रार्थना नहीं, एक वचन फुसफुसाया - “जब तक मैं जीवित हूँ, कोई अंधेरा इस मंदिर की शांति को नहीं छुएगा।”


उसकी हथेली के नीचे सूर्य-शिला धड़क उठी। सुनहरी रोशनी महीन नसों की तरह संगमरमर में फैल गई और वेदी-कक्ष की दीवारों पर उकेरे गए सहस्राब्दी पुराने चिह्न चमकने लगे। बाहर एथलगार्ड का अनंत उजाला था - आकाश में तैरते महल, दूधिया बादलों पर गिरती सूर्य-किरणें, और दूर कहीं घंटियों की स्वच्छ ध्वनि। मगर मंदिर की पश्चिमी दीवार के पार नॉक्सन का अंधकार था, ऐसा अंधकार जिसे प्रकाश छू नहीं सकता था।


ऑरेलिया ने अपनी उँगलियाँ मोड़ीं। उसके हाथ में प्रकाश सघन होकर तलवार बन गया।


तलवार की धार में सूर्योदय कैद था। उसके बावजूद उसकी दृष्टि बार-बार उसी दरवाज़े पर जा टिकती, जिसके नीचे पत्थर की महीन दरार से काली धुंध भीतर रिस रही थी।


वह डरती थी।


यह बात एथलगार्ड में कोई नहीं जानता था। वहाँ उसे निडर सोलर नाइट कहा जाता था - वह योद्धा जो बिना कवच के भी युद्धभूमि में उतर सकती थी, जो अपनी हथेलियों से तलवारें गढ़ती थी और नॉक्सन के किसी भी प्राणी को अकेले रोक सकती थी। पर अंधेरा उसके लिए केवल रोशनी का अभाव नहीं था। अंधेरे में उसकी शक्ति का कोई किनारा नहीं दिखता था। वहाँ हर आवाज़ अपने स्रोत से अलग हो जाती, हर परछाईं किसी जीवित चीज़ की तरह साँस लेती।


और आज उसे उसी सीमा पर अकेले खड़ा किया गया था।


मंदिर के भीतर धूप और ठंडे पत्थर की गंध मिली हुई थी। ऊपर, गुंबद के बीचोंबीच, सूर्य-चक्र स्थिर था - एक स्वर्णिम गोला, जिसकी किरणें वेदी पर रखे प्राचीन अवशेष पर गिर रही थीं। वह अवशेष एक छोटी, काली धातु की पट्टिका थी, जिसके भीतर चाँदी जैसी रेखाएँ बंद थीं। मंदिर के पुरोहितों ने उसका नाम नहीं बताया था। बस इतना कहा था कि वह सीमा की पहली शपथ से भी पुराना है और किसी भी राज्य का नहीं।


ऑरेलिया को आदेश मिला था कि उसे कोई छुए नहीं।


फिर दरवाज़े के बाहर कदमों की आवाज़ आई।


एक।


फिर दूसरा।


वह आवाज़ पैरों की नहीं थी। जैसे किसी ने पत्थर पर अपना भार नहीं रखा, केवल अंधेरे को आगे सरकाया हो।


ऑरेलिया ने तलवार उठाई। “रुक जाओ।”


उत्तर में मौन मिला।


अगले ही क्षण दरवाज़े के पास की परछाईं लंबी हुई और उससे एक पुरुष बाहर आया।


वह काले वस्त्रों में था, मगर उन पर काला रंग भी फीका लगता था। उसके कंधों पर धूल जमी थी, बालों में नमी चमक रही थी, जैसे वह किसी भूमिगत नदी के किनारे से आया हो। उसकी आँखें - गहरी, शांत, असहज रूप से स्पष्ट - सीधे अवशेष पर टिकी थीं।


ऑरेलिया ने तलवार की नोक उसके गले से एक साँस दूर रोक दी।


“एक कदम और,” उसने कहा, “तो यह मंदिर तुम्हारी कब्र होगा।”


उसकी दृष्टि धीरे-धीरे उसकी ओर उठी। “तुम्हारी धमकियों में अभ्यास है।”


“और तुम्हारी घुसपैठ में अहंकार।”


“घुसपैठिए अक्सर अहंकारी होते हैं।” उसकी आवाज़ नीची थी, जैसे वह किसी सोए हुए व्यक्ति को जगाना नहीं चाहता। “मगर मैं चोर हूँ। दोनों में अंतर है।”


ऑरेलिया ने उसकी कलाई पर बँधे चिह्न को देखा - काले धागे में जड़ा हुआ नॉक्सन का राजचिह्न। उसकी पकड़ तलवार पर कस गई।


“केलन,” उसने कहा।


उसके चेहरे पर पहली बार हल्की-सी हलचल आई। “तुमने मेरा नाम ऐसे लिया जैसे पहले से तय कर रखा हो कि मुझे मारोगी।”


“नॉक्सन के राजकुमार को पहचानना कठिन नहीं।”


“मुझे लगा एथलगार्ड अपने शत्रुओं के बारे में अधिक सुनता है।”


“हम अपने शत्रुओं को सुनते नहीं। उन्हें रोकते हैं।”


केलन ने उसकी तलवार की चमक में आँखें सिकोड़ लीं। वह पीछे हट सकता था। परछाईं उसके पैरों के पास खुल रही थी - एक काली, तरल दरार, जिसमें वह पल भर में विलीन हो सकता था। ऑरेलिया ने उसे देख लिया।


“अगर गायब हुए,” उसने चेतावनी दी, “तो मैं पूरी वेदी को प्रकाश से भर दूँगी।”


“तब मंदिर टूट जाएगा।”


“तुम्हें मंदिर की चिंता है?”


“तुम्हें नहीं?”


उस प्रश्न ने उसकी तलवार की धार को क्षण-भर डगमगा दिया।


केलन ने उसी पल हाथ बढ़ाया। उसकी उँगलियाँ हवा में मुड़ीं, और फर्श पर पड़ी परछाइयाँ साँपों की तरह उठकर ऑरेलिया की ओर लपकीं।


वह पीछे घूमी। प्रकाश की दूसरी तलवार उसकी बाईं हथेली में फूट पड़ी। दोनों धारें नीचे गिरती छायाओं से टकराईं। अंधकार चटककर धुएँ में बदला, मगर धुआँ विलीन नहीं हुआ। वह उसके टखनों के चारों ओर लिपट गया।


ठंड उसकी हड्डियों तक उतर गई।


ऑरेलिया की साँस अटक गई।


वह फिर वही जगह थी - बचपन की वह संकरी सुरंग, जहाँ मशाल बुझ गई थी और उसने घंटों किसी अदृश्य चीज़ की खरोंचें सुनी थीं। नहीं, वह मंदिर था। संगमरमर था। सूर्य-चक्र ऊपर था। वह सोलर नाइट थी।


फिर भी अंधेरा उसकी त्वचा के नीचे चढ़ रहा था।


“तुम्हें अंधेरे से डर लगता है,” केलन ने कहा।


वह उसकी ओर झपटी। “मेरे डर को अपना हथियार मत बनाओ।”


“मैंने उसे बनाया नहीं।”


उसकी परछाईं ने उसकी कलाई पकड़ ली। ऑरेलिया ने प्रकाश की धार से उसे काट दिया। चमक ने वेदी-कक्ष को सफेद कर दिया। केलन ने हाथ उठाकर आँखें ढाँप लीं, मगर पीछे नहीं हटा।


वह उसके पास था - इतना पास कि ऑरेलिया को उसके वस्त्रों से आती ठंडी मिट्टी और धुएँ की गंध महसूस हुई। उसके चेहरे पर कठोरता थी, पर आँखों के नीचे थकान की नीली छाया भी।


“अवशेष तुम्हें क्यों चाहिए?” उसने दाँत भींचकर पूछा।


“क्योंकि मेरे राज्य में बच्चे अब रात में सपने नहीं देखते।”


“नॉक्सन में रात और सपने अलग कब से हुए?”


“जब अंधेरा मरने लगा।”


उसका उत्तर तलवार से अधिक सीधा लगा।


ऑरेलिया ने एक क्षण के लिए उसे देखा। नॉक्सन हमेशा अंधकार में रहता था, पर अंधकार का मरना कैसा होता होगा? क्या वहाँ रोशनी की इच्छा पैदा होती थी, या केवल खालीपन?


उसने उस विचार को तुरंत दबा दिया।


“झूठ,” उसने कहा।


“काश।”


केलन की उँगलियाँ अब भी उसकी कलाई के चारों ओर थीं। पकड़ कठोर नहीं थी। जैसे वह उसे रोक रहा हो, चोट नहीं पहुँचा रहा। इस अंतर ने उसे और विचलित किया।


“मुझे छोड़ो।”


उसने तुरंत हाथ हटा लिया।

...

About this book

"Eclipse-Bound Hearts" is a romance book by Amit Kumar with 5 chapters and approximately 11,654 words. Enemies-to-lovers fantasy romance across light and darkness realms.

This book was created using Inkfluence AI, an AI-powered book generation platform that helps authors write, design, and publish complete books. It was made with the AI Romance Novel Writer.

Frequently Asked Questions

What is "Eclipse-Bound Hearts" about?

Enemies-to-lovers fantasy romance across light and darkness realms

How many chapters are in "Eclipse-Bound Hearts"?

The book contains 5 chapters and approximately 11,654 words. Topics covered include सीमा-मंदिर की रक्षा, अंधेरा पास, छाया-राजकुमार के साथ मजबूरी, ग्रहण-रेखाओं का सच, अवशेष-चोरी की आग, and more.

Who wrote "Eclipse-Bound Hearts"?

This book was written by Amit Kumar and created using Inkfluence AI, an AI book generation platform that helps authors write, design, and publish books.

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